जयंती पर भारत रत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पंत को किया नमन
देहरादून/ पंतनगर। भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत को आज उनकी जयंती पर प्रदेश भर में नमन करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गयी। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और देश के गृह मंत्री रहते हुए पं. गोविंद बल्लभ पंत जी की आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके विचार हमें सदैव जनसेवा और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

पंतनगर- भारत रत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पंत की 138वीं जयंती के अवसर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने पंडित पंत जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। तदोपरान्त विश्वविद्यालय के कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान, विश्वविद्यालय के अधिकारीगण एवं संकाय सदस्यों द्वारा भी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर पंडित पंत जी को नमन किया गया।अपने संबोधन में गणेश जोशी ने कहा कि पंडित पंत न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे बल्कि एक दूरदर्शी राजनेता भी थे। उन्होंने कहा कि पंडित पंत जी ने शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में आधारभूत कार्य कर समाज को नई दिशा दी। पंडित पंत जी के आदर्श हमें राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि पंडित गोविन्द बल्लभ पंत का नाम भारतीय लोकतंत्र और जनसेवा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना में भी उनके दृष्टिकोण की झलक मिलती है। उन्होंने आ“वान किया कि विश्वविद्यालय परिवार पंडित पंत जी के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय को और ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सभी से पूरे मनोयोग से योगदान देने और एक टीम में कार्य करने का आ“वान किया। इसके उपरांत भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी, उत्तराखण्ड के राज्यपाल, ले. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री, पुष्कर सिंह धामी के संदेश को विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाताओं द्वारा सभी के समक्ष पढ़ा गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशकगण एवं भारी संख्या में संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा. ए.एस. जीना द्वारा किया गया।
