उत्तराखंड में खबर के आधार पर दिये मुख्यमंत्री के आदेश पर हो गयी 700 से अधिक मदरसों की जांच !
मदरसा बोर्ड, उत्तराखंड शासन व प्रशासन के अधिकारी नहीं उपलब्ध करा सके नियम प्रावधान
काशीपुर। वर्ष 2025 में उत्तराखंड में 700 से अधिक मदरसों की जांच एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के आधार पर मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये आदेश पर की गयी, इस सम्बन्ध में कोई नियम प्रावधान उत्तराखंड मदरसा बोर्ड, उत्तराखंड शासन का अल्संख्यक कल्याण विभाग तथा उधमसिंह नगर जिले के जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, जिलाधिकारी तथा उपजिलाधिकारी कार्यालयों के लोक सूचना अधिकारी नहीं उपलब्ध करा सके। सूचना अधिकार के अन्तर्गत नदीम उद्दीन ;एडवोकेट को उपलब्ध करायी गयी सूचना से यह खुलासा हुआ है। काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ;एडवोकेटद्ध ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड, उत्तराखंड शासन के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग तथा उधमसिंह नगर जिले के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालयों के लोक सूचना अधिकारियों को सूचना प्रार्थना पत्र देकर उत्तराखंड में अवैध मदरसों की जांच तथा सील करने से सम्बन्धित नियम प्रावधानों के विवरण तथा जांच आख्या से सम्बन्धित सूचना चाही थी। इसके उत्तर में उत्तराखंड शासन के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुभाग अधिकारी/प्रभारी/लोक सूचना अधिकारी प्रमिला टम्टा ने अपने पत्रांक 13 से, उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के लोक सूचना अधिकारी/उपरजिस्ट्रार मौहम्मद औबेदुल्लाह अंसारी ने अपने पत्रांक 02 से तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी उधमसिंह नगर तथा उसके द्वारा हस्तांतरण पर जिलाधिकारी कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी/वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा जिले के उपजिलाधिकारियों ने सूचना/उत्तर उपलब्ध कराये लेकिन उपनिदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के आदेश की अपील करने के बावजूद भी कोई भी अधिकारी मदरसों की जांच तथा सील किये जाने सम्बन्धी नियम प्रावधानों की प्रतिलिपि नहीं उपलब्ध करा सके। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद ने अपने उत्तर तथा उधमसिंह नगर के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तथा जिला अधिकारी कार्यालय तथा उपजिलाधिकारियों के प्रतिनिधियों ने उपनिदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय हीरा सिंह बसेड़ा के समक्ष अपील में माना कि ऐसा कोई नियम प्रावधान उनके पास उपलब्ध नहीं हैं। श्री नदीम को उत्तराखंड शासन के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध करायी सूचना के अनुसार दिनांक 19 दिसंबर 2024 के दैनिक समाचार पत्र में ’’पंजीकरण के बगैर चल रहे मदरसों की जांच’’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री जी द्वारा शीघ्रातिशीघ्र जांच कर आख्या उपलब्ध कराने की अपेक्षा करने का पत्र संख्या 1002 दिनांक 19 दिसम्बर 2024 प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण उत्तराखंड शासन को सचिव शैलेश बगोली द्वारा लिखा गया। इस पर पर कार्यवाही करते हुये अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव, एल फैनई ने पत्रांक 783 दिनांकित 23 दिसम्बर 2024 से सभी जिलाधिकारियों को समाचार पत्र में छपी खबर व मुख्यमंत्री के आदेश का उल्लेख करते हुये पंजीकरण के बगैर चल रहे मदरसों की जांच के सम्बन्ध में जनपद स्तर पर एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर प्रकरण की शीघ्रतिशीघ्र जांच सम्पन्न कराते हुये जाचं आख्या अधिकतम 10 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के आदेश दिये गये। उक्त आदेश के अनुपालन में जिलाधिकारियों ने मदरसों की जांच करके आख्या प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण को उपलब्ध करायी। श्री नदीम को उपलब्ध करायी गयी 8 जिलों की जांच आख्याओं के अनुसार कुल 680 मदरसों की जांच की जिसमें 410 पंजीकृत/मान्यता प्राप्त तथा 270 अंपजीकृत/अमान्यता प्राप्त मिले। उनमें से किसी भी जिले की आख्या में किसी मदरसे में संदिग्ध या गैरकानूनी गतिविधि का कोई उल्लेख नहीं है। जांच आख्या के अनुसार देहरादून जिले में कुल जांच किये गये 93 मदरसों में 36 पंजीकृत/मान्यता प्राप्त तथा 57 अपंजीकृत/अमान्यता प्राप्त मिले, उधमसिंह नगर जिले के 237 मदरसों में 112 मान्यता प्राप्त, 125 अमान्यता प्राप्त, हरिद्वार जिले में 328 मदरसों में 259 मान्यता प्राप्त, 69 अमान्यता प्राप्त, पिथौरागढ़ जिले में 3 मदरसों में 1 मान्यता प्राप्त, 2 अमान्यता प्राप्त, अल्मोड़ा जिले के 16 मदरसों में सभी अमान्यता प्राप्त, टिहरी गढ़वाल जिले के 3 मदरसों में 2 मान्यता प्राप्त, 1 अमान्यता प्राप्त मदरसे मिले। जबकि रूद्रप्रयाग, चमोली जिलों में कोई भी मदरसा संचालित नहीं मिला है।
