February 11, 2026

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भराड़ीसैंण विधानसभा में सीएम धामी ने पेश किया 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट

भारी बारिश में मंत्री, विधायक, अधिकारी, कर्मचारी सत्र के लिए गैरसैंण पहुंच गए
भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधासभा का चार दिवसीय मानसून सत्र आज मंगलवार से भराड़ीसैंण विधानसभा में शुरू हुआ। पहले ही दिन विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इसके बीच कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। वहीं शाम को सीएम धामी ने हंगामे के बीच ही 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन पटल पर रखा। इसके साथ ही नौ विधेयक भी पेश हुए। इसके बाद सदन की कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। आज से शुरू हुए चार दिवसीय विधानसभा सत्र के लिए सरकार और विपक्ष ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण भराड़ीसैंण पहुंच गए हैं। भारी बारिश में मंत्री, विधायक, अधिकारी, कर्मचारी सत्र के लिए गैरसैंण पहुंच गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी पहले ही भराड़ीसैंण पहुंच चुकी थी। जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत अन्य मंत्री व विधायक भी भराड़ीसैंण पहुंचे। सोमवार को दोपहर बाद मौसम खुल गया है। तेज धूप खिलने से गैरसैंण जा रहे अधिकारियों व कर्मचारियों को थोड़ी राहत मिली। भराड़ीसैंण में धुंध छाए रहने से ठंड है।

नौ विधेयक सदन पटल पर रखे गए

  • उत्तराखंड विनियोग 2025-26 का अनुपूरक विधेयक 2025
  • उत्तराखंड उत्तर प्रदेश श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939 संशोधन विधेयक 2025
  • उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध प्रतिषेध संशोधन विधेयक 2025
  • उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025
  • उत्तराखंड साक्षी संरक्षण निरसन विधेयक 2025
  • उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025
  • समान नागरिक संहिता उत्तराखंड संशोधन विधेयक 2025
  • उत्तराखंड पंचायती राज संशोधन विधेयक 2025
  • उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025

550 से अधिक प्रश्न लेंगे मंत्रियों की परीक्षा  : आपदा और पंचायत चुनाव में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर सदन गरमाने के आसार
सत्र शुरू होने से दो दिन पहले भराड़ीसैंण पहुंचीं विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र के आयोजन की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और विस सचिवालय के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मंगलवार को हेलिकॉप्टर से गैरसैंण पहुंचे। वहां कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों का भी भराड़ीसैंण पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में पहुंचे सरकारी वाहनों और अमले के शोर ने भराड़ीसैंण का सन्नाटा तोड़ दिया है। सदन के भीतर आपदा, त्रिस्तीरय पंचायत चुनाव में कथित गड़बड़ी, कानून व्यवस्था के मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं। विपक्ष शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार, विकास से जुड़े मुद्दों सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। उधर, सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए रणनीति बनाई है। साथ ही सदन पटल पर सदस्यों के लगभग 550 से अधिक प्रश्न मंत्रियों की परीक्षा लेंगे। विधानसभा मानसून सत्र के लिए पहाड़ जैसी चुनौतियों को पार कर धामी सरकार ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण पहुंच गई है। भारी बारिश व आपदाओं के बीच गैरसैंण में सत्र कराने के फैसले पर सरकार अडिग रही। हालांकि बारिश के बीच गैरसैंण में सत्र कराने से अफसरशाही से लेकर विधायक भी असहज महसूस कर रहे थे। सत्र देहरादून में करने के लिए सरकार की तरफ टकटकी लगाए थे।फरवरी 2025 को बजट सत्र देहरादून में कराने पर विपक्ष ने भी ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की उपेक्षा करने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे। उस समय विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने खुद सरकार से आग्रह किया था कि भराड़ीसैंण विधानसभा में ई-नेवा के तहत सदन में डिजिटाइजेशन व साउंड सिस्टम का काम चल रहा है। जिस वजह से बजट सत्र करना संभव नहीं है। आमतौर पर सरकार की ओर से बजट सत्र गैरसैंण में किया जाता है। बजट सत्र न होने से सरकार ने मानसून सत्र को गैरसैंण में करने का निर्णय लिया। सरकार को उम्मीद थी कि 15 अगस्त के बाद मानसून कमजोर पड़ेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लगातार बारिश से उत्तरकाशी जिले के धराली, हर्षिल, पौड़ी जिले के सैंजी में आपदा ने तबाही मचाई। भारी बारिश से पहाड़ों में जगह-जगह भूस्खलन, गदेरों में बाढ़ जैसी स्थिति को देख कर सरकारी मशीनरी भी गैरसैंण में सत्र कराने से असहज महसूस कर रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार का फैसला नहीं पलटा। गैरसैंण में सत्र कराने पर अडिग रहे। सड़क से देहरादून से गैरसैंण की दूरी लगभग 260 किमी. है। सुबह के समय भारी बारिश में मंत्री, विधायक, अधिकारी, कर्मचारी सत्र के लिए गैरसैंण पहुंच गए हैं।

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