मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत : विपक्षी विधायकों ने सदन में आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा किया
गैरसैंण/भराड़ीसैंण।चमोली जिले के भराड़ीसैंण स्थित उत्तराखंड विधानसभा भवन में मंगलवार से चार दिवसीय मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत हो गई। सदन में विपक्ष ने जमकर हंगामा काटा सदन के अंदर सचिव की टेबल पलट दी गयी गयी माईक और टेबलेट भी तोड़ दिया। हंगामे के चलते सदन की कार्रवाई कई बार स्थगित करनी पड़ी। मंगलवार को सत्र शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा किया। विपक्षी विधायक वेल तक उतर आए, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई और अध्यक्ष को 12ः30 बजे तक कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने सरकार को घेरने का पूरा प्रयास किया। कांग्रेस विधायकों ने आपदा प्रभावित क्षेत्रें में राहत एवं पुनर्वास कार्यों की धीमी गति पर सवाल उठाए। वहीं, राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। विपक्ष का आरोप था कि सरकार आमजन की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही साढ़े बारह बजे फिर शुरू हुई। कानून व्यवस्था को लेकर विपक्षी विधायकों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने कार्य सूची फाड़ दी और उसेे सदन में उछाल दिया। यही नहीं सदनके अंदर सचिव की टेबल विपक्षी विधायकों पे लट दी इसके साथ ही माइक और टेबल भी तोड़ दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गयी। विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ये बेहद दुखद है। हंगामे के कारण एक बार फिर सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस दौनान विपक्ष के विधायकों ने कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष को सम्मान दिया जाये। इसके अलावा नैनीताल के डीएम एसएसपी की बर्खास्तगी की भी पुरजोर मांग की गयी। सदन में कांग्रेस ने प्रश्न काल भी नहीं चलने दिया। विपक्ष के विधायकों ने नियम 310 में कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग की। सदन में विपक्ष के हंगामे की आशंका पहले ही जताई जा रही थी। विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। भराड़ीसैंण क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी गई है। यह प्रावधान 19 अगस्त से लेकर 22 अगस्त शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत विधानसभा परिसर से 5 किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन, जुलूस या सभा पर रोक रहेगी। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह मानसून सत्र हंगामेदार रहने वाला है। विपक्ष जहां आपदा, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की सुस्ती को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं के माध्यम से विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति बनाए हुए है।



