बारिश और भूस्खलन का कहर : प्रदेश में 6 राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 187 सड़कें बंद
देहरादून/उत्तरकाशी/रूद्रप्रयाग। प्रदेश में बारिश के बाद सड़कों पर जगह-जगह मलबा आ गया है। जिससे छह राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 187 सड़कें बंद हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्र की 104 सड़कें शामिल हैं। पिथौरागढ़ जिले में धारचुला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग में पहाड़ी से बड़े पत्थर आ गए हैं। इससे राजमार्ग में वाहनों की आवाजाही बंद है। घटियाबगढ़-लिपूलेख राष्ट्रीय राजमार्ग में मलबा आ गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक चमोली में एक राष्ट्रीय और दो राज्य मार्ग, पौड़ी में एक राष्ट्रीय और एक राज्य मार्ग, उत्तरकाशी में दो राष्ट्रीय राजमार्ग, टिहरी में दो राज्य मार्ग मलबा आने से बंद हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें बंद हैं। बारिश के बाद मलबा आने से अल्मोड़ा जिले में पांच, बागेश्वर में 15, चमोली 21, देहरादून में आठ, नैनीताल पांच, पौड़ी में 31, पिथौरागढ़ में 28, रुद्रप्रयाग में 23, टिहरी में 13, ऊधमसिंह नगर में चार एवं उत्तरकाशी जिले में 34 सड़कें बंद हैं। चिन्यालीसौड़ टैक्सी स्टैंड के समीप गंगोत्री हाईवे का करीब 200 मीटर हिस्सा टिहरी बांध झील में समा गया है। इससे चिन्यालीसौड़ बाजार और नागणी, बडेथी का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है जिससे छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने वाहनों को पीपल मंडी से ऑल वेदर बायपास होते हुए बडेथी और उत्तरकाशी की ओर आवाजाही करने के निर्देश दिए हैं। वहीं चिन्यालीसौड़ के व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल और नागणी के व्यापार मंडल अध्यक्ष पूरण सिंह बिष्ट ने बीआरओ से क्षतिग्रस्त जगह पर जल्द से जल्द सड़क को बहाल कर वाहनों की आवाजाही शुरू करने की मांग की है। वहीं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा से क्षतिग्रस्त हुए भटवाड़ी और डबराणी में राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने बीआरओ और लोनिवि को भू-धंसाव का तुरंत ट्रीटमेंट करने और जल्द से जल्द हाईवे को आवाजाही के लिए खोलने के निर्देश दिए। भटवाड़ी से करीब एक किलोमीटर आगे सालंग पुल के पास हाईवे का करीब 500 मीटर हिस्सा भू-धंसाव की चपेट में आ गया है जिससे सड़क ध्वस्त होने की कगार पर है। रविवार को डीएम ने आपदा प्रबंधन, लोनिवि और बीआरओ के अधिकारियों के साथ इस स्थल का मुआयना किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसका जल्द ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इसके बाद डीएम ने डबराणी का भी निरीक्षण किया जहां आपदा के दौरान हाईवे का करीब 500 मीटर हिस्सा नदी में समा गया था। इस जगह पर अभी तक आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है और सड़क का निर्माण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। डीएम आर्य ने क्षतिग्रस्त हाईवे को जल्द से जल्द आवाजाही लायक बनाने के निर्देश दिए। रूद्र्रप्रयाग। मूसलाधार बारिश से द्वितीय केदार मप्रहेश्वर को जोड़ने वाला पैदल मार्ग बणतोली के समीप 40 मीटर ध्वस्त हो गया। यहां फंसे करीब 153 यात्रियों को एसडीआरएफ की टीम ने रस्सियों के सहारे रेस्क्यू किया और गौंडार गांव पहुंचाया। इसके बाद यात्री रांसी गए और गंतव्य को रवाना हुए। अब पैदल रास्ता ध्वस्त होने से यात्रा भी ठप हो गई है। विधायक आशा नौटियाल ने लोनिवि को जल्द वैकल्पिक पैदल मार्ग निर्माण कर दो दिन में यात्रा शुरू करने के निर्देश दिए । शनिवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश से गौंडार गांव से करीब एक किमी आगे बणतोली के समीप सहढुंगीधार में भारी भूस्खलन से मप्रहेश्वर पैदल मार्ग लगभग 40 मीटर तक ध्वस्त हो गया है। यहां पहाड़ी से गिरे बोल्डरों के साथ मिट्टठ्ठी का कटाव हो गया, जिससे रास्ता बंद हो गया और मंदिर से लौटने वाले यात्री भी फंस गए। ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीणों की सूचना पर पूर्वाहन 11.30 बजे निरीक्षक अनिरुद्ध भंडारी के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। जिला आपदा प्रबंधन दल के जवानों के सहयोग से रस्सियों के सहारे 153 यात्रियों को सकुशल रेस्क्यू किया गया और गौंडार गांव पहुंचाया गया। शाम 6 बजे तक रेस्क्यू चला। इसके बाद यहां से यात्री रांसी पहुंचे और अपने गंतव्यों के लिए रवाना हुए। सोमवार को मौसम खुलने के बाद सड़कों को खोलने के लिए पुलिस प्रशासन की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थान नालूपानी, नेतला, डबरानी, सोनगाड़ के पास भूदृधंसाव/ लैंड स्लाइडिंग से बाधित है।यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नारद चट्टठ्ठी, रानाचट्टठ्ठी, कल्याणी आदि स्थान पर अवरुद्ध है। बड़कोट- विकास नगर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थान बर्निगाड के पास अवरुद्ध है। मार्ग को सुचारू करने हेतु मशीनरी कार्य कर रही हैं। जनपद रुद्रप्रयाग में सिरोबगड़ स्लाइडिंग जोन क्षेत्रान्तर्गत बाधित चल रहे मार्ग को खोले जाने के प्रयास जारी हैं। जनपद रुद्रप्रयाग- चमोली सीमा पर जनपद चमोली क्षेत्रान्तर्गत बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कमेड़ा के पास बाधित चल रहा है।





