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राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी : हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रभावितों की सहायता के लिए व्यापक स्तर पर हेली रेस्क्यू और राहत सामग्री वितरण अभियान शुरू किया

उत्तरकाशी। धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार राज्य सरकार, जिला प्रशासन, सेना और एसडीआरएफ की टीमों ने प्रभावितों की सहायता के लिए व्यापक स्तर पर हेली रेस्क्यू और राहत सामग्री वितरण अभियान शुरू कर रखा है। रविवार सुबह खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर अभियान लगभग पौने दस बजे से शुरू हो सका। इसके बाद मातली हेलीपैड से बड़ी मात्र में खाद्य सामग्री, दालें, आटा, चावल, मसाले, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुएं हर्षिल हेलीपैड तक भेजी गईं। वापसी में हेलीकॉप्टरों के जरिए आपदा प्रभावित क्षेत्र से जरूरतमंद लोगों को मातली लाया जा रहा है। अब तक राहत अभियान में 260 से अधिक हेलीकॉप्टर फेरे लगाए जा चुके हैं। मातली हेलीपैड से आठ हेलीकॉप्टर संचालित हो रहे हैं, जबकि चिन्यालीसौड़ हवाईपट्टी से सेना के चिनूक, एमआई-17, एएलएच और चीता हेलीकॉप्टर भी अभियान में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ पुलिस, एसडीआरएफ, इंजीनियरों और अन्य बचाव दलों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रें में काम कर रही हैं। आपदा के दौरान कनेक्टिविटी का अहम जरिया लिमचीगाड पुल बह जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। युद्धस्तर पर बेली ब्रिज निर्माण का कार्य किया गया, जो अब अंतिम चरण में है। जल्द पुल को आम यातायात के लिए खोलने की तैयारी है, जिससे प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य घटना के बाद से ही प्रभावित क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। वे लगातार बिजली, पानी, सड़क, नेटवर्क कनेक्टिविटी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से आपदा पीड़ितों को राहत शिविरों में सुरक्षित रखा गया है, जहां उन्हें भोजन, पानी, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर पीड़ित को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना और उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्रभावित परिवारों से धैर्य रखने और किसी भी आवश्यकता के लिए सीधे प्रशासन से संपर्क करने की अपील की।

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