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अजय मौर्या को प्रत्याशी बनाने से कार्यकर्ताओं में जोश

भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए साधारण और समर्पित कार्यकर्ता अजय मौर्या को बनाया प्रत्याशी
रुद्रपुर (उद संवाददाता)। भारतीय जनता पार्टी ने उधम सिंह नगर में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर पार्टी ने संगठन के एक साधारण लेकिन समर्पित कार्यकर्ता अजय मौर्या को प्रत्याशी बनाया है। अजय मौर्या का राजनीतिक सफर बूथ स्तर से शुरू हुआ। वर्ष 2009 में उन्होंने बूथ अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई, इसके बाद 2012 से 2018 तक वे भाजपा के मंडल महामंत्री रहे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा ने उन्हें मझोला जिला पंचायत क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा था, जहां उन्होंने प्रभावशाली जीत दर्ज कर पार्टी का मान बढ़ाया। भाजपा द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाए जाने पर अजय मौर्या ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता का है। उन्होंने कहा, ‘पार्टी ने एक साधारण कार्यकर्ता को यह अवसर देकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है। भाजपा कार्यकर्ताओं में अजय मौर्या के नाम की घोषणा के बाद उत्साह और जोश का माहौल है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि मौर्या की सादगी, संगठन के प्रति निष्ठा और जनता से गहरा जुड़ाव उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है।
पूर्वांचल समाज को साधने की कोशिश
रुद्रपुर। आगामी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने साधारण कार्यकर्ता एवं पूर्वांचल समाज से जुड़े अजय मौर्या को अपना प्रत्याशी घोषित कर एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। पार्टी के इस फैसले को पूर्वांचल समाज को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जो कि जिले के मतदाताओं में अहम प्रभाव रखता है। अजय मौर्या, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं और पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ता माने जाते हैं, को प्रत्याशी बनाकर भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सामाजिक संतुलन और कार्यकर्ताओं की निष्ठा को महत्व दे रही है। मौर्या की सादगी, मिलनसार स्वभाव और संगठनात्मक अनुभव के चलते उन्हें स्थानीय स्तर पर खासा समर्थन प्राप्त है। पूर्वांचल समाज में मौर्या के नाम की घोषणा होते ही उत्साह की लहर दौड़ गई। पार्टी नेताओं का मानना है कि अजय मौर्या के मैदान में उतरने से न केवल पूर्वांचल समाज का समर्थन भाजपा को मिलेगा, बल्कि अन्य वर्गों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जिले की पंचायत राजनीति में पूर्वांचल समाज की संख्या और प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में मौर्या को प्रत्याशी बनाना भाजपा के लिए एक सोचा- समझा कदम है, जिसका सीधा असर आगामी चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। भाजपा कार्यकर्ताओं का विश्वास है कि अजय मौर्या के नेतृत्व में पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर संगठन की मजबूती को और बढ़ाएगी। वहीं, विपक्षी दल इस फैसले को भाजपा की ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की रणनीति मान रहे हैं।

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