तीसरे दिन भी ग्राउंड जीरो पर सीएम धामी: 274 लोगों को गंगोत्री और आसपास के क्षेत्रों से रेस्क्यू कर हर्षिल लाया गया
उत्तरकाशी(उद संवाददाता)। धराली आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य चौथे दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी है। सेना, आईटीबीपी, एनडी आरएफ, एसडी आरएफ और स्थानीय पुलिस के जवान दिन-रात जुटे हुए हैं। हेली सेवा के तहत एमआई-17 और चिनूक हेली कॉप्टरों की मदद से सुबह से ही युद्धस्तर पर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। अब तक आपदा में 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं। गुरुवार को 274 लोगों को गंगोत्री और आसपास के क्षेत्रें से रेस्क्यू कर हर्षिल लाया गया था। प्रशासन ध्वस्त मार्गों की मरम्मत में तेजी से जुटा है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि धराली में वैली ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है और जल्द मार्ग बहाल होगा। हालांकि, ब्रिज से यातायात पूरी तरह सुचारु होने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पिछले तीन दिनों से उत्तरकाशी में डटे हैं और स्वयं राहत-बचाव अभियानकी निगरानी कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह उन्होंने मातली हेलिपैड से रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की और हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रभावित क्षेत्रें में राहत सामग्री रवाना की। सुबह 7 बजे से हेलिकॉप्टरों की आवाजाही शुरू हुई और दोपहर तक 128 लोगों को हर्षिल से मातली लाया जा चुका था। मुख्यमंत्री बाद में पुनः धराली क्षेत्र के दौरे पर भी रवाना हुए। आपदा प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने, राहत सामग्री पहुंचाने और लापता लोगों की खोजबीन के लिए अभियान जारी है। बुनियादी सुविधाएं बहाल करने के प्रयास भी चल रहे हैं। हर्षिल-बगोरी क्षेत्र में मोबाइल सेवा पुनः शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री धामी ने राहत कार्यों की समीक्षा बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को सड़क, बिजली और संचार व्यवस्था बहाल करने के साथ खाद्यान्न आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा जब तक हर व्यक्ति सुरक्षित घर नहीं पहुंच जाता, तब तक राहत और बचाव कार्य नहीं थमेगा।






