मौसम खुलते ही एयरफ़ोर्स के चिनूक हेलिकॉप्टर ने संभाला मोर्चा : अब तक कुल 274 लोगों को हर्षिल लाया गया
पीड़ितों से मिले सीएम धामी, मलबे से दो और शव बरामद किए
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जनपद में आई भीषण आपदा के तीसरे दिन गुरुवार को राहत-बचाव कार्यों में तेजी आई। मौसम साफ होते ही भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर ने राहत कार्यों की कमान संभाल ली। मातली में एयरबेस तैयार कर चिनूक के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन को नया बल मिला। प्रशासन, सेना,आईटीीपी, एनडीआरएफ एसडीआरएफ पुलिस व राजस्व विभाग की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। गुरुवार को मलबे से दो और शव बरामद किए गए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। अभी भी कई लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। गुरुवार को अब तक 135 लोगों को सुरक्षित हर्षिल से बाहर निकाला गया, जिनमें से 100 को उत्तरकाशी और 35 को देहरादून भेजा गया है। आपदा की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य खुद धराली व हर्षिल में मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उनकी मौजूदगी में ऑपरेशन तेजी से संचालित हो रहा है। हर्षिल में फंसे यात्रियों को चिनूक के माध्यम से मातली हैलीपैड लाया जा रहा है। गुरुवार को चिनूक का पहला लैंडिंग हर्षिल में हुआ। इसमें एनडीआरएफ के जवान, बचाव उपकरण व अन्य आवश्यक सामग्री भेजी गई। चिनूक की तैनाती से हेली रेस्क्यू ऑपरेशन को विशेष गति मिली है। उधर गंगनानी क्षेत्र में पुल पूरी तरह तबाह हो चुका है। बीआरओ द्वारा तात्कालिक राहत के तौर पर वैली ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पापड़ गाड़ में 500 मीटर सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को सुधारने का काम जारी है, ताकि वैली ब्रिज की मशीनरी को आगे बढ़ाया जा सके। फिलहाल मशीनरी पापड़ गाड़ से एक घंटे की दूरी पर है। गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों को मातली से एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को उत्तरकाशी अस्पताल पहुंचे और आपदा पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को समुचित उपचार के निर्देश दिए। साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा भी की। सीएम ने रेस्क्यू दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए हेली रेस्क्यू ऑपरेशन को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सड़क, संचार, बिजली, पेयजल और खाद्यान्न आपूर्ति की त्वरित बहाली के निर्देश अधिकारियों को दिए। सीएम धामी ने कहा मैं उन सभी टीमों के साहस और समर्पण की सराहना करता हूं, जो विषम परिस्थितियों में भी सेवा भाव से जुटी हैं। इनका योगदान आपदा प्रबंधन का अनुकरणीय उदाहरण है। आपदा प्रबंधन सचिव के अनुसार गंगोत्री एवं अन्य क्षेत्रें से अब तक कुल 274 लोगों को हर्षिल लाया गया है, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनमें गुजरात के 131, महाराष्ट्र के 123, मध्यप्रदेश के 21, उत्तराखंड के 12, राजस्थान के 6, दिल्ली के 7, असम व कर्नाटक के 5-5, तेलंगाना के 3 और पंजाब का 1 व्यक्ति शामिल है। इन सभी को चरणबद्ध तरीके से उत्तरकाशी और देहरादून पहुंचाया जा रहा है। हालांकि राहत और बचाव कार्यों में तीव्रता आई है, लेकिन सड़कें, संचार और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण कुछ क्षेत्रें तक पहुँचना अब भी चुनौती बना हुआ है। प्रशासन ने हर संभव प्रयास का भरोसा दिलाया है कि जल्द से जल्द सभी प्रभावितों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा और बुनियादी सुविधाएं बहाल की जाएंगी।







