धराली गांव में बादल फटने से मची तबाही के बाद रेस्क्यू अभियान लगातार जारी,गांव में करीब 200 लोग फंसे
सीएम ने हवाई सर्वेक्षण कर राहत कार्यों की समीक्षा, प्रधानमंत्री मोदी ने भी लिया अपडेट
उत्तरकाशी । धराली गांव में बादल फटने से मची तबाही के बाद रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 70 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। जिनकी तलाश में आपदा राहत टीमों को लगाया गया है। धराली गांव में बादल फटने की वजह से बनी आपदा जैसी स्थिति शासन- प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। बादल फटने से मची तबाही का जायजा लेने के लिए सीएम धामी बुधवार को उत्तरकाशी पहुंचे उन्होंने हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। बादल फटने और कई जगहों पर भूस्खलन के कारण भटवाड़ी में उत्तरकाशी-हर्षिल मार्ग पूरी तरह बह गया है। उत्तरकाशी-हर्षिल मार्ग पर सड़क साफ करने का काम अभी चल रहा है। आर्मी, आईटीबीपी के जवान में रेस्क्यू में जुटे हैं। लेकिन गंगोत्री हाईवे रेस्क्यू में बाधा बना हुआ है। हर्षिल में राहत कार्यों को तेज करने के लिए सेना की टीमें, खोजी कुत्ते, ड्रोन, और खुदाई करने वाली मशीनें भेजी गई हैं। आईटीबीपी और आर्मी के जवान धराली में बीच गांव में फंसे ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए वहां करीब 25 फीट ऊंचे मलबे में रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अस्थाई पुलिया बनाने का प्रयास किया जा रहा है। गांव में करीब 200 लोग भी फंसे है। हर्षिल, धराली में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। रेस्क्यू टीमों द्वारा आपदा स्थल से 135 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है- धराली के पास (गंगोत्री की तरफ) से लगभग 100 लोग तथा हर्षिल आर्मी गेट से नीचे की तरफ 35 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। जिलाधिकारी उत्तरकाशी, प्रशांत आर्या एवं पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी सरिता डोबाल द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रें की निरंतर निगरानी और निरीक्षण किया जा रहा है। अतिरिक्त कार्यबल को आपदाग्रस्त क्षेत्र में भेजने की कवायद जारी है। लगातार हो रही बारिश और बिजली, संचार की सुविधा न होने के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धराली क्षेत्र में आयी प्राकृतिक आपदा के चलते आपदा प्रभावित क्षेत्र में मरीजों के उपचार के लिए 11 स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की टीम गठित की गई है। इसमें 5 सर्जन स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स, चार आर्थाे स्पेशलिस्ट और दो फिजिशियन डॉक्टर्स शामिल हैं- इन सभी डॉक्टर्स की टीम गठित करते हुए चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना ने तत्काल, प्रभावित क्षेत्र में जाने के निर्देश दिए हैं। 11 डॉक्टर्स की टीम मंगलवार को ही घटना स्थल के लिए रवाना हो गई थी। एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसिन शाहेदी ने बताया, जानकारी के अनुसार, चार लोगों की मौत हो गई है और 50 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। हर्षिल और सुखी टॉप में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आने की भी खबर है। हर्षिल में सेना के लगभग 11 जवान लापता बताए जा रहे हैं। सुखी टॉप में कोई हताहत नहीं हुआ है। ऋषिकेश-उत्तरकाशी हाईवे प्रभावित है, इसलिए आवाजाही बहुत धीमी है। कई जगहों पर सड़क जाम होने के कारण टीमों को मौके पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए टीमें देहरादून में तैयार हैं।





