केवीआर अस्पताल के डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश
बच्चे को दी था एनेस्थीसिया की ओवरडोज
काशीपुर(उद संवाददाता)। केवीआर अस्पताल में उपचार के नाम पर रोगियों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ करने एवं आर्थिक दोहन करने के लगातार मामले प्रकाश में आ रहे हैं। ऐसे ही एक ताजा मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज जसपुर (जू-डि-) जहांआरा अंसारी ने अस्पताल के डॉक्टर नवरत्न गोला के खिलाफ उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप में कुंडा थाना पुलिस को अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सक पर आरोप है कि उसने विशेषज्ञ की राय बगैर बच्चों को एनेस्थीसिया की ओवरडोज दे दिया था। घटना के बारे में न्यायालय में प्रार्थना पत्र देखकर सुल्तानपुर पट्टðी निवासी साजिद हुसैन ने बताया कि बीते 28 फरवरी की रात्रि खेलते हुए उसके 6 वर्षीय पुत्र अजमेर शेख के होंठ पर चोट लग गई। उपचार के लिए बच्चे को केवीआर में भर्ती कराया गया। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर नवरत्न गोला ने टांका लगाने की सलाह दी। डॉक्टर ने मरीज के परिजनों से कहा कि ऐसी स्थिति में बच्चा परेशान कर सकता है इसलिए उसे एनेस्थीसिया देना चाहिए। बच्चों के परिजनों को विश्वास में लेकर डॉक्टर नवरत्न गोला ने बच्चे को बगैर विशेषज्ञ की राय लिए एनेस्थीसिया की ओवरडोज दे दी। हालत बिगड़ने पर बच्चे को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। शिकायतकर्ता ने न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में यह भी बताया कि अस्पताल में बिना बताए कुछ दस्तावेजों पर अंगूठे के छाप व हस्ताक्षर कराए गए। शिकायतकर्ता ने कोर्ट को बताया कि अस्पताल में भर्ती करने पर उसके बच्चे को बाल रोग विशेषज्ञ अथवा किसी सर्जन ने भी चेकअप तक नहीं किया। फिलहाल पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। एनेस्थीसिया की ओवरडोज देने के मामले में केवीआर हॉस्पिटल एक बार फिर सुिखर्यों में आ चुका है। न्यायालय को प्रेषित प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता ने बताया कि बच्चे को अस्पताल में एडमिट करने पर डॉक्टर द्वारा जान का खतरा बताकर परिजनों को बुरी तरह डरा दिया गया था। उसने यह भी बताया कि सर्जन से टांका लगाने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद कोई सर्जन अथवा बाल रोग विशेषज्ञ बच्चे को देखने तक नहीं आया। बताया कि 28 फरवरी की रात्रि लगभग 9ः30 बजे उपचार शुरू किया गया। जबकि डिस्चार्ज स्लिप में एडमिशन टाइम फर्जी तरीके से 23ः57 दर्ज कर दिया।
