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विजय दिवस पर उत्तराखण्ड के 75 कारगिल शहीदों को दी श्रद्धांजलि ,वीरांगनाओं को भी सम्मानित किया

देहरादून। कारगिल विजय दिवस के मौके पर प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस दौरान कारगिल शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी गयी। देहरादून में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क में आयोजित शौर्य दिवस श्रद्धांजलि समारोह में सीएम धामी ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित शहीदों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही वीरांगनाओं को भी सम्मानित किया । इस अवसर पर सीएम धामी ने सभी अमर बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कारगिल की घाटियों, पहाड़ियों और हवाओं में भारतीय सेना के रणबांकुरों का शंखनाद आज भी उसी वेग से गूंज रहा है। वीर सैनिकों ने तिरंगे को सिर पर बांधकर ऐसी हुंकार भरी थी कि दुश्मन कांप उठा था। सीएम धामी ने कहा कारगिल की विजयगाथा उत्तराखण्ड के वीर जवानों की चर्चा के बिना अधूरी रहेगी। इस युद्ध में 537 वीर सैनिक वीर गति को प्राप्त हुए, जिसमें उत्तराखण्ड के 75 वीर सपूत थे। सीएम धामी ने कहा कारगिल के अमर सैनिकों की वीर गाथा युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती है। इस दौरान सीएम धामी ने उरी हमले और सर्जिकल को याद किया। उन्होंने कहा भारतीय सेना ने इसका जवाब दिया है। पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक और अब ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह बता दिया गया कि हमारी बहन बेटियों का सिंदूर उजाड़ने वालों के खानदान उजाड़ दिए जाते हैं। साथ ही सीएम धामी ने पीएम मोदी भी जमकर तारीफ की। सीएम धामी ने कहा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी सेना आत्मनिर्भर बन रही है। हमारे हथियार अन्य देशों की सेना से कई गुना बेहतर हैं। आज का भारत गोली का जवाब गोलों से देता है। वहीं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने भी कारगिल विजय दिवस पर देश की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। राज्यपाल ने कहा कि कारगिल युद्ध भारतीय सेना के अद्वितीय साहस, अदम्य शौर्य और उच्चतम रणनीतिक कौशल का प्रतीक है। यह एक ऐतिहासिक विजय थी, जिसमें हमारे बहादुर सैनिकों ने दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रें में भी अद्भुत पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की और दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया।राज्यपाल ने कहा कि इस विजय अभियान में भारतीय सेना के अनेक जवानों ने राष्ट्र की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। वीरभूमि उत्तराखंड के अनेक जांबाज सपूतों ने भी इस युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देकर राज्य एवं देश का गौरव बढ़ाया। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की वीरता, देशभक्ति और बलिदान की परंपरा अटूट रही है, जो आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना ने हर अवसर पर अपने शौर्य और पराक्रम से राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। कारगिल युद्ध में प्राप्त विजय सिर्फ एक सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि यह देशवासियों के विश्वास, एकता और अखंड राष्ट्रभाव की भी विजय है। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीरों का बलिदान राष्ट्र की स्मृति में अमर रहेगा।



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