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सीएम धामी कर रहे विभागों की ताबड़तोड़ समीक्षा : धरातल पर ‘गेमचेंजर योजनाओं’ सफल क्रियान्वयन से बदल सकता है उत्तराखंड का भविष्य

प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
देहरादून। बीते दो दिन से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बैक टू बैक बैठक ले रहे हैं और इन बैठक के केंद्र में है वे योजनाएं जिन्हें स्वयं मुख्यमंत्री धामी ने ‘गेमचेंजर योजनाओं’ का दर्जा दिया है। ये योजनाएं उनकी निगरानी में चल रही हैं और समय-समय पर वे खुद इनकी प्रगति की समीक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से उत्तराखंड का भविष्य बदल सकता है।
सचिवालय में नागरिक उड्डयन विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में देहरादून-काठमांडू हवाई सेवा को शीघ्र शुरू करने, पिथौरागढ़ में हेलीपोर्ट विकसित करने तथा पर्वतीय क्षेत्रों में उड़ान संचालन के लिए एटीसी सुविधा को मजबूत करने पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को शीघ्र तैयार करने एवं ड्रोन आधारित इकोनॉमिक पॉलिसी को प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए। चारधाम यात्रा मार्ग पर यात्रियों को बेहतर हवाई सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस योजना तैयार की जाए और देहरादून एयरपोर्ट को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए प्रयासों में तेजी लाई जाए।
सीएम धामी ने दो दिन में जिन विभागों की बैठक ली उनमें लोक निर्माण विभाग, परिवहन, उद्योग, नागरिक उड्डयन, सूचना प्रौद्योगिकी, शहरी विकास और ग्रामीण विकास विभाग शामिल रहे। इन विभागों की प्रमुख योजनाओं को लेकर सीएम धामी ने अधिकारियों से टाइमबाउंड एक्शन प्लान की मांग की और यह स्पष्ट किया कि “अब सिर्फ फाइलें खंगालने का नहीं, ज़मीन पर नतीजे देने का समय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस कोई स्लोगन नहीं, बल्कि उनकी सरकार की कार्यसंस्कृति है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि यदि योजनाओं की रफ्तार धीमी रही या जनता तक उसका लाभ नहीं पहुंचा, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। सीएम ने निर्देश दिए कि योजनाओं की मॉनिटरिंग में तकनीक को भी प्राथमिकता दी जाए। बेस्ट प्रैक्टिस और इनोवेशन को अपनाया जाए और अधिकारी खुद फील्ड विजिट कर जनता से सीधा संवाद करें। सीएम धामी की यह सक्रियता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से गहराई से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने 21वीं सदी के इस दशक को ‘उत्तराखंड का दशक’ बताया था। मुख्यमंत्री का फोकस है कि उत्तराखंड विकास, निवेश, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक रोल मॉडल बनकर उभरे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ताबड़तोड़ बैठकें, स्पष्ट दिशानिर्देश और समयबद्ध लक्ष्य ने यह साबित कर दिया है कि अब उत्तराखंड में घोषणाओं की नहीं, क्रियान्वयन की राजनीति चलेगी।कुल 24 गेम चेंजर योजनाएं
प्रदेश को विकसित बनाने के लक्ष्य में सीएम धामी ने हर विभाग की जिम्मेदारी और सहभागिता तय की है। जिसके तहत संपूर्ण प्रदेश में 24 गेम चेंजर योजनाएं बनाई गई हैं, जिनका सीएम धामी समय-समय पर स्वयं अवलोकन करते रहते हैं। इन विभागों में कृषि, पशुपालन, सगंध पौध केंद्र, मत्स्य, उद्यान, वन, ग्राम्य विकास, शहरी विकास, स्टांप एवं निबंधन विभाग, पंचायती राज, श्रम, पर्यटन, परिवहन, माध्यमिक शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, नियोजन, ऊर्जा, चाय बोर्ड, सिंचाई, स्वास्थ्य और लोनिवि प्रमुख हैं।
सितंबर तक प्रदेश की सड़कों को बनाए जाए गड्ढा मुक्त
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा की। इस दोरान सीएम ने अधिकारियों को सितंबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीएम ने अधिकारियों को सितंबर माह तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री ने देहरादून रिंग रोड और एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर तेज़ी से कार्य करने के लिए निर्देशित किया।

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