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गांव-गांव में हॉस्पिटल होते, गांव-गांव में स्कूल होते और गांव-गांव में लाइट होती !

गैरसैंण की अनदेखी पर न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल के तीखे कटाक्ष करते वीडियो वायरल
नैनीताल/देहरादून(उद ब्यूरो)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण को लेकर एक बार फिर विवाद गरमा गया है। नैनीताल हाईकोर्ट की शिफ्रिटंग का मुद्दा अभी ठंडे बस्ते में है लेकिन हाईकोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की कोर्ट में ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण मुद्दे पर सरकार और राजनेताओं की कार्यशैली पर तीखे कटाक्ष कर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उनके तीखे कटाख के बाद अब गैरसैण राजधानी के मुद्दे को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे है। दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जो 15 जुलाई 2025 का बताया जा रहा है। हाईकोर्ट के सिटिंग जज जस्टिस राकेश थपलियाल ने हरदा के गैरसैंण पर दिए गए इस बयान पर कड़ी टिप्पणी की है। जस्टिस राकेश थपलियाल ने कहा कि फ्हमें 2027 में जिताइए और हम गैरसैंण को राजधानी बनाएंगे। इसका मतलब है कि उत्तराखंड की जनता पूरी तरह से बेवकूफ है। आप जब चाहें उन्हें बेवकूफ बना सकते हैं।य्जस्टिस राकेश थपलियाल ने कहा, फ्गैरसैंण में बुनियादी ढांचा पूरी तरह से तैयार है जिस पर उन्होंने लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान कहा कि, गैरसैंण में 8000 करोड रुपए की प्रॉपर्टी और इनफ्रास्टक्चर है, मैं खुलेआम कह रहा हूं। वहां पूरा इनफ्रास्टक्चर है, कोई भी जाकर देख सकता है।य् न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने सरकार पर भी कटाक्ष पर कहा कि फ्इन लोगों को बस अटैची लेकर जाना है। अगर हिल में राजधानी होती तो आज ये उत्तराखंड स्टेट कुछ और होता। गांव-गांव में हॉस्पिटल होते, गांव-गांव में स्कूल होते और गांव-गांव में लाइट होती। क्यों ना हम गैरसैंण में होने वाला विधानसभा सत्र को ही रोक दें।

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