उत्तराखंड में भी तेजी से बदल रहा है नवविवाहिताओं का मिजाजः पति ने आईफोन नहीं दिलाया,तो ‘पत्नी पहुंची थाने’
पतियों की विरुद्ध शिकायतें लेकर पुलिस के पास पहुंच रही विवाहिताएं, असमंजस में पुलिस की काउंसलिंग टीम
हल्द्वानी। पति से असंतुष्ट पत्नी द्वारा प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करके, लाश के टुकड़े-टुकड़े कर ड्रम में सीमेंट डालकर जमा देने और हनीमून के दौरान ही पत्नी द्वारा अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटा देने जैसी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित खबरों के बीच अब देवभूमि उत्तराखंड में भी नवविवाहिताओं के मिजाज बदलने के संकेत सामने आने लगे हैं । देवभूमि में 22 से 32 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं अपने पतियों के विरुद्ध आजकल ऐसी अजीबोगरीब शिकायतें लेकर पुलिस के पास पहुंच रही हैं, जिसे सुनकर पुलिस की काउंसलिंग टीम भी हैरत में पड़ जाती है ।हाल ही में हल्द्वानी की एक 23 वर्षीय विवाहिता ने अपने पति के खिलाफ महिला सेल में शिकायत देते हुए कहा कि जमाने के चलन के हिसाब से उसे भी रील और अच्छे कंटेंट बनाने का शौक है, लेकिन उसके पति उसे सपोर्ट नहीं करते। उसने पति से आईफोन की डिमांड की है ,लेकिन पति आईफोन नहीं दिला रहे हैं। आईफोन ना मिलने के कारण वह अक्सर तनाव में रहती है और इसी तनाव के चलते उसका आए दिन पति से झगड़ा होता है । इसके अतिरिक्त गौलापार निवासी एक 32 साल की महिला ने भी स्मार्टफोन की डिमांड पर पति द्वारा मारपीट करने की शिकायत महिला सेल में दी है। वहीं पिथौरागढ़ की 24 वर्षीय नवविवाहिता ने पति के खिलाफ मारपीट की शिकायत देते हुए फरियाद की है कि शादी से पहले पति ने गोवा घुमाने का वादा किया था, लेकिन शादी के बाद पति ने केवल नैनीताल घुमाकर पल्ला झाड़ लिया है। छोटी मुखानी निवासी एक 29 वर्षीय विवाहिता भी अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने केवल इसलिए जा धमकी क्योंकि उसके पति ने उसे कश्मीर घुमाने का वादा किया था, लेकिन वह ना तो अब अपना वादा ही पूरा कर रहे हैं और ना ही उसे पर्याप्त समय दे रहे हैं। जिसके कारण घर में रोजाना कलह होती है ।उधर पुलिस काउंसलिंग टीम द्वारा तलब किए जाने पर पति घरेलू तनाव और झगड़े के पीछे नौकरी का तनाव और वित्तीय समस्या जैसी मजबूरी बताते हैं ।उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी महिला सेल को एक साल के भीतर पीड़ित पत्नियों की तकरीबन 1428 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।इनमें 80 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं की उम्र 22 से 32 साल है। शिकायत करने वाली अधिकांश महिलाएं ऐसी हैं ,जिनकी शादी को अभी छह महीने या तीन से चार साल हुए हैं। जाहिर है कि उत्तराखंड में भी नव विवाहिताओं का मिजाज अब बदलने लगा है और आधुनिकता एवं भोगवाद जैसे तत्व कहीं ना कहीं विवाह जैसे पवित्र बंधन को भी कमजोर करते साफ नजर आ रहे हैं, जो कि समाज विज्ञानियों के लिए एक शोध का विषय होना चाहिए ।
