February 12, 2026

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मुठभेड़ में तीन बदमाश दबोचे,एक को लगी गोली

हरिद्वार(उद संवाददाता)। मंगलौर पुलिस ने देर रात मुठभेड के दौरान लण्ढौरा में दो भाईयों पर फायरिंग करने वाले तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। जिनमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। जिसको उपचार के लिए रूड़की के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने अपने साथियों के साथ मिलकर 28 फरवरी को लेनदेन को लेकर दोनों भाईयों पर फायरिंग की थी। जिसमें एक भाई की मौत हो गयी थी। जबकि दूसरे भाई का उपचार अभी जारी अस्पताल में जारी है। पुलिस ने बदमाशों के पास से 315 बोर का तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस बरामद किया है। सूचना पर एसपी देहात समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी जुटाई। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने बताया कि मंगलौर पुलिस ने देर रात क्षेत्र में चैकिंग के दौरान बाइक सवार तीन संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फॉयर कर दिया। पुलिस टीम ने भी अपना बचाव करते हुए जबाबी कार्यवाही की गई। पुलिस की जबाबी कार्यवाही के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगने पर घायल हो गया, जिसको पुलिस ने दबोच लिया। जबकि दो अन्य बदमाश अंधेरा का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस टीम ने बदमाशों का पीछा कर गन्ने के खेत में घेरा बंदी कर दोनों बदमाशों को दबोच लिया। जिनके पास से पुलिस टीम ने तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस बरामद किया। उन्होंने बताया कि बदमाशों की पहचान सनी उर्फ प्रशान्त पुत्र कैलाश चन्द निवासी मुण्डलाना मंगलौर हरिद्वार, अंकुश उर्फ रांझा पुत्र राजपाल निवासी मुण्डलाना मंगलौर हरिद्वार और अभिषेक उर्फ रोबिन पुत्र अनिल निवासी पिपलेडा थाना खतौली मु0नगर हाल ग्राम मुण्डलाना मंगलौर के रूप में हुई है। जिन्होंने 28 फरवरी 25 की शाम को बदमाशों ने अपने साथियों के साथ मिलकर पैसों के लेनदेन को लेकर दो भाईयों इकराम व ताजिम पुत्रगण जाहिद निवासीगण मातावाला बाग हसनबाग कस्बा लण्ढौरा को मुर्करम की कन्फैक्शनरी की दुकान के सामने गोली मारकर फरार हो गये थे। एसएसपी ने बताया कि दोनों भाईयों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था। जहां पर चिकित्सकों ने एक भाई इकराम को मृत घोषित कर दिया गया था। घटना के सम्बंध में नौशाद की ओर से निपुल उर्फ छोटा, सन्नी उर्फ प्रशान्त और अंकुश उर्फ रांझा समेत 3-4 अन्य व्यक्तियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उनके द्वारा अधीनस्थों को जल्द घटना का खुलासा करने के निर्देश दिये गये थे। पुलिस टीम फायरिंग करने वाले बदमाशों के सम्भावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी। लेकिन बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार होने में काम हो रहे थे।

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