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वोटर आईडी और राशन कार्ड बनवाकर सरकार को चूना लगा रहे बाहरी लोग!

रूद्रपुर। प्रदेश की डबल इंजन सरकार में बाहरी लोग भी डबल मजा ले रहे है। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर फर्जीवाड़ा कर सरकार को चूना भी लगा रहे हैं। उत्तर प्रद्रेश से सटे जनपद ऊधमसिंह नगर में उत्तराखंड की अपेक्षा बाहरी प्रदेशों के लोगों की तादात लगातार बढ़ती जा रही है। हांलाकि इनमें से कई स्थायी रूप से यहां बस गये हैं। वहीं इन्हीं बाहरी लोगों में कुछ शातिर लोग न सिर्फ यहां की सरकारी योजनाओं का फायदा उठा रहे बल्कि यूपी सरकार की योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं। इनता ही नहीं एक व्यक्ति के दो दो स्थानों से बने वोटर कार्ड देश की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को प्रभावित कर रहे है। पुलिस द्वारा लगातार बाहरी लोगों के सत्यापन को लेकर चेतावनी दी जाती है। लेकिन यहां लोग सरकार की येजनाओं का लाभ एक नहीं बल्कि दो दो राज्यों से उठा रहे है। इन लोगों के राशन कार्ड, वोटर आईडी, निवास, जाति जेसे प्रमाण पत्र आसानी से बना दिये जाते हैं। इन बाहरी लोगों का स्थायी ठिकाना कहां है और इनके किसी अन्य प्रदेश में रहने का उद्देश्य इसके बारे में न तो जिला प्रशासन जानता है और नहीं पुलिस महकमे को पता चलता है। भदईपुरा में अतिक्रमण के खिलाफ दायर की गई याचिकाकर्ता भी बाहरी बताये जा रहे है। जबकि बाहरी होने के बावजूद उनकी याचिका पर यहां के 14 हजार कब्जेदारों को हटाने के आदेश दे दिये गये। इसको लेकर भी सियासत तेज हो रही है। गौर हो कि भर्दइपुरा समेत अन्य क्षेत्रें में हजारों की तादात में बाहरी लोगों ने अपने घर बना लिये हैं। जबकि इन बाहरी लोगों को वोटर कार्ड के साथ ही अन्य सुविधाओं का पात्र भी मानाजाता है। ऐसे में देखा जाये तो जनपद में रूथानीय लेागों की अपेक्षा बाहरी लोग सरकार की योजनाओं का अधिक फायदा उठा रहे हैं। इधर सरकारी भूमि के साथ ही मलिन बस्तियों में भी बाहरी लोगों के परिवार है। ऐसे में इन परिवारों को अगर सरकार हटाने की योजना बनाती भी है तो एक बार फिर इन्हें सरकारी योजना का पात्र घोषित कर दिया जायेगा। इससे प्रदेश के लोगों का हक तो मारा ही जायेगा साथ ही सरकारको भी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा। भदईपुरा में नजूल भूमि पर बसे हजारों कब्जेदारों को हटाने के लिये हाईकोर्ट ने आदेश जारी किये है। पिछले कई दिनों से लगातार इस मुद्दे को लेकर सियासत भी तेज हो रही है। वहीं भर्दपुरा में अतिक्रमण के खिलाफ तथाकथित याचिकाकर्ता सेवाराम पर गंभीर आरोप लगाये जा रहे है। यहां के एक कब्जेदार राजेश यादव ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि याचिकाकर्ता सेवाराम को प्रदेश का निवासी ही नहीं है। उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोगों ने षडयंत्र के तहत आपसी रंजिश में बाहरी को मोहरा बनाकर उनके आशियानों को उजाड़ने की कोशिश की है। कब्जेदार ने आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता सेवा राम यूपी के बहेड़ी का निवासी है और उसके वोटर आईडी,राशन कार्ड यहां तक कि नौकरी स्थल भी यूपी में है। इतना ही नहीं सेवाराम रूद्रपुर में फर्जी तरीके से निवास कर रहा है। उसने यहां से राशनकार्ड, भी बनाया है। जबकि यूपी में पहले से ही उसका वोटर आईडी और राशन कार्ड बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सेवाराम से जुड़े कई दस्तावेज एकत्र कर लिये है। इन दस्तावेजों में उनके वोटर आईडी, राशन कार्ड,निवास और कार्यस्थल का पूरा विवरण है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण को लेकर विपक्ष के कुछ नेता राजनीति कर रहे है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक पर लगाये जा रहे आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि प्रभावितों को सरकार ने आश्वासन दिया है। इसके बावजूद निजी स्वार्थो के चलते ही विपक्ष के लोग बाहरी लोगों को मोहरा बनाकर गरीबों की बस्तियाें को उजाड़ना चाहते है।कहा कि बाहरी व्यक्ति को मोहरा बनाकर विपक्ष के नताओं ने बड़ा षडयंत्र रचा है। उन्होंने कहा कि विरोधियों के मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे। इधर याचिकाकर्ता सेवाराम भी पिछले कई दिनों से भूमिगत बताये जा रहे है। माना जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने के आदेश को लेकर लोगों में नाराजगी है जिससे घबराकर वह अब कहीं और चले गये है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमणकारियों को हटाने का आदेश भी आ चुका है। जिला प्रशासन की टीम अब कभी भी यहां ध्वस्तीकरण अभियान चला देगी। हांलाकि सरकार अब भी कब्जेदारों को बचाने का आश्वासन दे रही है। मगर जिस प्रकार आये दिन नगर प्रशासन की टीम यहां धमक रही है उससे लोगों में भय का माहौल है।

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