February 4, 2026

Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

अमित शाह के बयान पर मचा सियासी घमासान: संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को लेकर टिप्पणी के खिलाफ विपक्ष हमलावर

संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा: मकर द्वार के सामने सांसदों के साथ धक्का-मुक्की
देहरादून/नई दिल्ली (उद ब्यूरो)। केंद्रीय मंत्री अमित शाह द्वारा संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर पर दिए गए बयान के बाद घमासान मच गया है। विपक्ष जहां हमलावर हो गया है वहीं सत्ता पक्ष भी पीछे नहीं हट रहा है। दोनों ने आज एक-दूसरे के खिलाफ संसद में प्रदर्शन किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून स्थित अपने आवास पर मौन उपवास पर बैठकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान का विरोध किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री द्वारा दिए गये अपमानजनक बयान के खिलाफ मेरा यह मौन व्रत, उन शक्तियों को सद्बुद्धि दे भगवान उनके लिए समर्पित है जो लोग निरंतर हमारे भारत के संविधान की उपेक्षा कर रहे हैं। संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर आज संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ। कांग्रेस ने शाह से इस्तीफे की मांग की तो भाजपा ने पलटवार करते हुए विपक्ष पर झूठ की राजनीति करने का आरोप लगाया। संसद के दोनों सदनों में आज सांसदों से धक्कामुक्की का मामला भी गूंजा। भाजपा ने राहुल से माफी की मांग की। इसे लेक लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के चलते राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में कहा। उन्होंने कहा कि मुझे भाजपा सांसदों ने धक्का दिया, मैं अपना संतुलन खो बैठा और मकर द्वार के सामने जमीन पर बैठने के लिए मजबूर हो गया। खरगे ने लोकसभा अध्यक्ष से भाजपा सांसदों द्वारा उन्हें धक्का दिए जाने के मामले की जांच का आदेश देने की मांग की। वहीं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर से संबंधित गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने के लिए नोटिस दिया। खरगे ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को सौंपे नोटिस में आरोप लगाया कि शाह ने 17 दिसंबर को उच्च सदन में ‘संविधान की 75 साल की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा का जवाब देते हुए बाबासाहेब का अपमान किया गया। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर धक्का मुक्की के आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि मकर द्वार लोकसभा और राज्यसभा दोनों में सांसदों के प्रवेश का मुख्य द्वार है। कांग्रेस और उनके अन्य सांसद उसी स्थान पर खड़े रहे और पूरे सत्र के दौरान तख्तियां दिखाते रहे और नारे लगाते रहे। आज पहली बार एनडीए के सांसद 1951 के बाद से कांग्रेस पार्टी द्वारा आंबेडकर के अपमान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वहां गए थे…पहली बार एनडीए के सांसद वहां विरोध प्रदर्शन करने गए थे।जब एनडीए के सांसद मकर द्वार, मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तभी राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के सांसद आए और भाजपा के दो सांसदों पर हमला किया, उन्हें धक्का दिया और अन्य सांसदों के साथ भी धक्का-मुक्की की। रिजिजू ने कहा, भाजपा के दो सांसद प्रताप सिंह सारंगी और मुकेश राजपूत को गंभीर चोटें आई हैं। इस बीच लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मैं संसद के प्रवेश द्वार से अंदर जाने की कोशिश कर रहा था तो भाजपा सासंद मुझे रोकने की कोशिश कर रहे थे। मुझे धमका रहे थे, तो यह हुआ है। यह संसद का प्रवेश द्वार है और हमारा अंदर जाने का अधिकार है। मुख्य मुद्दा यह है कि वे संविधान पर आक्रमण कर रहे हैं। संसद भवन परिसर में भाजपा सांसदों से धक्कामुक्की करने के आरोपों पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस ने सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी प्रमुख और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे का एक वीडियो साझा किया। इसमें दिखाया गया कि संसद में प्रवेश करते समय सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के सांसदों की ओर से कथित तौर पर कांग्रेस सांसदों को रोका जा रहा है। पार्टी ने कहा कि यह सरासर गुंडागर्दी है। यह लोकतंत्र के मंदिर में भाजपा की तानाशाही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सियों ने फूंका गृह मंत्री अमित शाह का पुतला
रूद्रपुर/गदरपुर/रामनगर। संसद में बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ की गयी अमयार्दित टिप्पणी के खिलाफ महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सीपी शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ जगतपुरा में विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सीपी शर्मा ने कहा कि सत्ता के मद में चूर भाजपा के नेता मानसिक संतुलन खो चुके हैं। बाबा साहब के लिए की गयी अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि सदन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के खिलाफ जो अशोभनीय टिप्पणी की गई है उसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सदन में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बयान पर पूरी तरह चुप्पी साधी यह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री ने न सिर्फ बाबा साहब का अपमान किया है बल्कि पूरे देश का अपमान किया है। उन्हें अपने दिए गए बयान के लिए देश से माफी मांगनी होगी। सीपी शर्मा ने शाह को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री ने माफी नहीं मांगी तो कांग्रेस इसके खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में शनिवार को कांग्रेस कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन के साथ ही राष्ट्रपति को ज्ञापन भी प्रेषित करेंगे। प्रदर्शन के दौरान ममता रानी, सुनील आर्या, सतीश कुमार, उमा सरकार, छत्रपाल, संजीव राठौर, सुरेश यादव, रामधारी गंगवार, हरि राम, मानस बैरागी, सतपाल राठौर, नवीन पंत, नंद किशोर, काजल चौहान समेत तमाम कार्यकर्ता थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *