February 4, 2026

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नैनीताल हाईकोर्ट ने शक्तिमान घोड़े की मौत के बहुचर्चित मामले में फैसला रखा सुरक्षित

नैनीताल(उद संवाददाता)। नैनीताल हाईकोर्ट में उत्तराखंड के बहुचर्चित शक्तिमान घोड़ा प्रकरण में शामिल आरोपियों को सजा दिलाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। बुधवार को हाईकोर्ट में शक्तिमान घोड़े की मौत के आरोपियों को सजा दिलाए जाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है। मामले के अनुसार होशियार सिंह बिष्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जिला अदालत के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें निचली अदालत ने गणेश जोशी को दोषमुक्त कर दिया था। साथ ही कहा था कि याचिकाकर्ता होशियार सिंह बिष्ट न तो शिकायतकर्ता है और न ही गवाह। याचिका में कहा गया कि 2016 में विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की लाठी से गणेश जोशी ने घोड़े की टांग पर हमला किया और बाद में घोड़े की मौत हो गई। इस मामले में 23 अप्रैल 2016 को पुलिस ने गणेश जोशी को आरोपी बनाया और देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा भी दर्ज किया। इसके बाद 16 मई 2016 को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई। इसी बीच सरकार बदली तो सरकार ने सीजेएम कोर्ट से केस वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया। 23 सितंबर 2021 को निचली अदालत ने गणेश जोशी को बरी कर दिया और अपीलीय कोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य नहीं माना। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता ने निचली अदालत के निर्णय को निरस्त करने के साथ गणेश जोशी व अन्य को सजा दिलाए जाने की मांग की है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस के घुड़सवार भी तैनात किये गये थे। इस दौरा कई लोगों की भीड़ प्रदर्शन के दौरान बेकाबू हो गई थी जबकि तत्कालीन भाजपा विधायक खुद पुलिस से भिड़ गये थे। उन्होंने पुलिस का डंडा छीनकर घुड़सवार पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया और शक्तिमान घोड़े का पैर एक लोहे के एंगल में फंसकर टूट गया था। प्रदर्शन के बाद घायल घोड़े का कई दिनों तक उपचार चला लेकिन उसकी मौत हो गई। तब पूर्ववर्ती हरीश रावत सरकार में इस मामले को लेकर सियासत भी खूब हुई और गणेश जोशी को पशु क्रूरता अधिनियम के तहत जेल की सजा काटनी पड़ी। हालांकि बाद में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। बहरहाल अब प्रदेश के मौजूदा कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एक बार फिर शक्तिमान घोड़ा प्रकरण को लेकर सुर्खियों में आ गये है।

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