February 25, 2026

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उत्तराखंड की फिल्म “पायर” में छाये पदम सिंह और हीरा देवी : साल 2017 में विनोद कापड़ी को मुनस्यारी के एक गांव में मिला था बुजुर्ग जोड़ा

अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के लिए चुनी गई उत्तराखंड के विनोद कापड़ी की पायर
उत्तराखंड की फिल्म पायर( Pyre) को प्रदेश के साथ-साथ विदेश में भी प्यार मिल रहा है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता और निर्देशक विनोद कापड़ी (Vinod Kapri) की फिल्म पायर को ‘तेलिन ब्लैक नाइट्स फिल्म फेस्टिवल’ में प्रदर्शित किया गया। यूरोप के एस्टोनिया की राजधानी तेलिम में ये फिल्म फेस्टिवल आयोजित हुआ था। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता विनोद कापड़ी (Vinod Kapadi) की नई फिल्म ‘पायर’ फिल्म गाला कैटेगरी में इस साल भारत से पायर को विश्व प्रीमियर के लिए चुना गया। बीते दिन 19 नवंबर को इस फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट से समारोह गूंज उठा। ऐसे में फिल्म के मेकर्स ने पोस्ट शेयर कर अपनी खुशी जाहिर की। फिल्म ‘पायर’ सच्ची कहानी पर आधारित है। साल 2017 में विनोद को मुनस्यारी के एक गांव में बुजुर्ग जोड़ा मिला था। उसी जोड़े के की कहानी फिल्म में दर्शाई गई है। इस फिल्म में 80 साल के बुजुर्ग जोड़े की एक बेहद ही अनोखी और दिल दहला देने वाली प्रेम कहानी को दिखाया गया है। बता दें कि इस फिल्म में बुजुर्गों पदम सिंह और हीरा देवी मुख्य रोल में है। दिलचस्प बात ये है कि इन दोनों में से किसी ने भी पहले ना कभी कैमरा फेस किया और ना ही कभी फिल्म देखी। पदम सिंह सेवानिवृत्त भारतीय सेना के जवान हैं। अब वो खेती करते है। तो वहीं हीरा देवी भैंसों की देखभाल और लकड़िया और घास जंगलों से लाती है। बता दें कि टैल्लिन में ये चुनी गई अकेली भारतीय फिल्म है। इस फिल्म को कंपीटिशन की केटेगरी में रखा गया है। पायर उत्तराखंड के हिमालय में बनी दो बुजुर्गों की प्रेम कहानी को दर्शाता है। इस फिल्म में पदम सिंह और हीरा देवी लीड रोल में है। दोनों ही पिखोरागढ़ जिले के बेरीनाग तहसील के रहने वाले है। इस फिल्म की दिलचस्प बात ये है कि फिल्म निर्माता विनोद कापड़ी ने दो स्थानीय बुजुर्गों पदम सिंह और हीरा देवी को मुख्य रोल के लिए चुना। इन दोनों में से किसी ने भी पहले ना कभी कैमरा फेस किया और ना ही कभी फिल्म देखी। पदम सिंह सेवानिवृत्त भारतीय सेना के जवान हैं। अब वो खेती करते है। तो वहीं हीरा देवी भैंसों की देखभाल और लकड़िया और घास जंगलों से लाती है। फिल्म निर्माता और निर्देशक विनोद कापड़ी इस प्रतिष्ठित तेलिन ब्लैक नाइट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के 28वें संस्करण का हिस्सा बनने के लिए पदम सिंह और हीरा देवी (फिल्म के मुख्य कलाकार) के साथ एस्टोनिया की राजधानी तेलिन पहुंच गए है। बता दें कि ये उनकी पहली विदेश यात्रा है। पहली बार वो प्लेन से सफर कर रहे हैं। इस फिल्म के लिए ऑस्कर विजेता संगीतकार माइकल डैना ने संगीत बनाया। इसके अलावा बहु-पुरस्कार विजेता जर्मन संपादक पेट्रीसिया रोमेल ने भी संगीत में योगदान दिया और भारतीय दिग्गज गुलजार ने ‘पायर’ के लिए सुंदर सा गीत लिखा। विनोद कापड़ी ने खुशी जाहिर करते हुए इन तीनों महान दिग्गजों का उनके योगदान के लिए शुक्रिया अदा किया। बता दें कि इस फिल्म के लिए गुलजार ने कोई भी फीस लेने से इनकार कर दिया।

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