February 27, 2026

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तस्लीम जहां हत्याकांड के आरोपियों की होगी जांचः तलाक के बाद सात साल से रुद्रपुर में कई अस्पतालों में कर चुकी है काम, बेटी बेसहारा 

एसएसपी ने दिया जांच का आश्वासन: दस दिन से लापता नर्स का शव मिलने पर परिजनों ने लगाया हत्या कर पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर कैमिकल डालने का आरोप, दुष्कर्म करने की भी आशंका जताई
रुद्रपुर(उद संवाददाता)। शहर के प्रतिष्ठित अस्पताल की दस दिन से लापता नर्स का यूपी क्षेत्र में सड़ा गला शव बरामद होने के बाद गुस्साए परिजनों सहित अन्य लोगों ने शुक्रवार शाम एंबुलेंस में शव रखकर अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा काटा । परिजनों द्वारा लड़की की मौत को लेकर हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही है नर्स की हत्या कर पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर कैमिकल डालने व दुष्कर्म करने की भी आशंका जताई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गदरपुर के इस्लामनगर निवासी नफीस अहमद जो गदरपुर में थाने के निकट चाय का बेचने का काम करते है  उनकी बेटी तस्लीम जहां ;32द्ध नैनीताल रोड स्थित फुटेला अस्पताल में नर्स थी। वह अपनी 11 साल की बेटी के साथ बिलासपुर के डिबडिबा स्थित वसुंधरा कॉलोनी में रहती थी। 30 जुलाई से तस्लीम लापता थी। उसकी बहन यासमीन ने 31 जुलाई को रुद्रपुर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के बाद सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो वह अंतिम बार 30 जुलाई की शाम वसुंधरा कॉलोनी के पास दिखी बृहस्पतिवार रात तस्लीम का कंकाल उसकी कॉलोनी को जाने वाली सड़क के पास एक खाली प्लॉट की झाड़ियों से बरामद हुआ था। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी शिनाख्त की। सूचना पर बिलासपुर और रुद्रपुर कोतवाली की टीम मौके पर पहुंच गई थी। घटनास्थल यूपी क्षेत्र होने के चलते बिलासपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लिया। शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव को एंबुलेंस में रखकर फुटेला अस्पताल के बाहर पहुंचे परिजनों ने जमकर हंगामा किया। लोगों की भीड़ देख अस्पताल प्रबंधन ने गेट पर ताला लगाने के साथ ही पुलिस को सूचना दी थी।कोतवाल मनोहर सिंह दसौनी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाने की कोशिश की। मृतका के पिता नफीस का कहना है कि बेटी के लापता होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सहयोग नहीं किया था। गदरपुर के समाजसेवी मो.शदाव, सलीम बाबा, शाकिर अली, मोमीन, नाजिर सहित काफी संख्या में लोग हॉस्पिटल पहुंच गए मृतक लड़की की ओर से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की वही मृतक के भाई मोहम्मद रफी का कहना है की मृतका की बहन को अस्पताल के मालिक से मिलने तक नहीं दिया गया और वह बहन की तलाश में परेशान घूमती रही।वही बंद गेट के अंदर से ही अस्पताल के मैनेजर रोहित कपूर ने लोगों से बात कर कहा कि पुलिस जांच कर रही है। अस्पताल की ओर से जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। प्रबंधन पर किसी भी तरह की लापरवाही के आरोप को उन्होंने खारिज कर दिया। कहा कि गुमशुदगी के बाद से ही अस्पताल की ओर से पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा था। वही गदरपुर के समाज सेवी मोहम्मद शादाब द्वारा टेलीफोन पर एस एस पी से वार्तालाप के बाद एसपी द्वारा बताया कि मामले का जल्द खुलासा कर दिया जाएगा। जिसके बाद सभी लोग शव को लेकर वापस रवाना हो गए और शाम को ही गदरपुर के कब्रिस्तान में शव को सुपुर्दे खाक कर दिया।वहीं मामले में एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कहा है कि चार टीमों का गठन कर दिया गया है पीड़ित परिवार की पूरी मदद की जाएगी और जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा । मृतक की बहन यासमीन ने बताया कि उनकी बहन की शादी वर्ष 2013 में हुई थी। कुछ साल बाद उनका तलाक हो गया था। यासमीन की एक बेटी है, जो चौथी कक्षा में पढ़ती है। तस्लीम सात भाई और बहनों में सबसे बड़ी थी। कहना है कि बहन की हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस ने न्याय की गुहार लगाई है। तस्लीम जहां की 11 वर्ष की मासूम तंजीला को अपने सिर से अम्मी का साया उठ जाने का बिल्कुल भी एहसास नहीं हैं। वह अब भी लोगों की भीड़ के बीच अपनी मां की राह ताक रही है और परिजनों से पूछ रही है कि उसकी अम्मी कब आएगी। जवाब में परिजनों के आंखों से सिर्फ आंसू ही टपक रहे हैं। बृहस्पतिवार को गदरपुर थाने के सामने चाय बेचने वाले वार्ड नंबर नौ निवासी नफीस अहमद की बेटी तस्लीम का क्षत विक्षत शव मिला था। तस्लीम 30 जुलाई से घर नहीं लौटी थी। करीब 12 वर्ष पहले तस्लीम जहां का तलाक हो गया था। तब उसकी गोद में छह माह की तंजीला थी, जिसे अपने नाना नफीस अहमद, नानी नईम जहां के अलावा छह मौसी और मामा रफी का सहारा मिला। शौहर से तलाक के बाद तस्लीम अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बनना चाहती थी। उसने कामकाज करना शुरू किया। पिछले सात साल से वह रुद्रपुर में रहकर कई अस्पतालों में काम कर चुकी थी। बेटी तंजीला के सुनहरे भविष्य के लिए तस्लीम ने उसका रुद्रपुर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में दाखिला कराया, जहां वो कक्षा चार में पढ़ रही है। घर में शोक जताने वाले के लिए लोग पहुंच रहे हैं। मां की मौत से अंजान तंजीला अब भी तस्लीम जहां का इंतजार कर रही है। तस्लीम की मौत से परिजन स्तब्ध हैं। तस्लीम की छोटी बहन मुस्कान का कहना है कि उसको किसी से खतरा या कोई परेशानी नहीं थी। अन्य बहनें भी आए दिन तस्लीम के यहां आकर उसके सुख-दुख की साथी बनती थी लेकिन तस्लीम की ओर से उन्हें कभी भी ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ कि वो परेशान है। तस्लीम की दो छोटी बहनों शाइन और रिजवाना का निकाह हो चुका है। तस्लीम तीन वर्ष से एक निजी अस्पताल में काम करने जाती थी। डड्ढूटी के बाद उसे जिम भी जाने का शौक था। पिता नफीस अहमद ने किसी साजिश का अंदेशा जताया। उनका कहना है कि जब से उनकी बेटी तस्लीम लापता हुई अस्पताल प्रबंधन ने उसकी सुध नहीं ली और न ही उसके बारे में कोई जानकारी सांझा की है। तस्लीम के परिजनों उसकी मौत की निष्पक्ष जांच और दोषी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की।

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