कांग्रेस की केदारनाथ बचाओ यात्रा का आगाज: हरिद्वार से करन माहरा ने 80 नेताओं के साथ किया केदारनाथ कूच
पूर्व मुख्य मंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, प्रीतम सिंह भी यात्रा में मौजूद
हरिद्वार(उद संवाददाता)। कांग्रेस की केदारनाथ धाम बचाओ यात्रा आज से शुरू हो गई है। हरिद्वार में हरकी पैड़ी से केदारनाथ धाम प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा शुरू की गई है। केदारनाथ बचाओ यात्रा में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल हैं। कांग्रेस की केदारनाथ बचाओ यात्रा का आज से आगाज हो गया गया है। यात्रा की शुरूआत हरकी पैड़ी से पूजा-अर्चना के साथ हुआ है। ये यात्रा धर्म नगरी हरिद्वार से केदारनाथ तक जाएगी। कांग्रेस के बड़े नेता यात्रा में शामिल हैं। पूर्व मुख्य मंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, चकराता विधायक प्रीतम सिंह भी यात्रा में मौजूद हैं। कांग्रेस का कहना है कि सनातन धर्म की जागरूकता के लिए केदारनाथ बचाओ यात्रा निकाली जा रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि दिल्ली में श्री केदारनाथ धाम के नाम से मंदिर निर्माण का वो विरोध करते रहेंगे। पदयात्रा में पूर्व सीएम हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मंत्री नवप्रभात, मंत्री प्रसाद नैथानी, हीरा सिंह बिष्ट समेत पार्टी के विधायक, पूर्व विधायक समेत पार्टी के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। यात्रा में लगातार साथ चलने के लिए 80 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का पंजीकरण किया गया है। बता दें कि केदारनाथ बचाओ यात्रा में लगातार साथ चलने के लिए 80 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का पंजीकरण किया गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ये यात्रा केदानाथ के कई मुद्दों को लेकर की जा रही है। केदारनाथ में हुई सोने की चोरी का क्या हुआ ? उन्होंने कहा कि बीकेटीसी के अध्यक्ष कहते हैं कि इतना सोना था ही नहीं लेकिन जब अखबारों में खबरें आ रहीं थी को इनका खंडन क्यों नहीं किया गया ? उन्होंने कहा कि जांच से क्यों बचा जा रहा है जो निर्दाेष है उसे तो जांच से डरना ही नहीं चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कृष्णा माई की गुफा का नाम पीएम मोदी के नाम पर करने और उसके लिए पैसे लिए जाने का भी विरोध किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम का इस्तेमाल ट्रस्ट बनाने और मंदिर बनाने का विरोध किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल पूछा है कि केदारनाथ धाम का चांदी कहां गया ? इसका जवाब बीकेटीसी को देना चाहिए।
