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मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद पेंशनरों के खाते में नहीं आई पेंशन,लगातार बढ़ती जा रही टेंशन

 राज्य के दो लाख से अधिक पेंशनर बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर, केंद्र का अंश न मिलना बताई जा रही है लेट लतीफी की वजह
रूद्रपुर। इस साल के आरंभ में सूबे की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य में बुजुर्गों ,विधवाओं और दिव्यांगों को प्रदान की जाने वाली पेंशन हर माह देने का फैसला किया था, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से प्राप्त होने वाले बजट के अभाव में धामी सरकार का उपरोक्त मासिक पेंशन प्लान फिलहाल अधर में लटक गया जान पड़ता है ।पिछले 3 महीने से पेंशन की राशि खाते में न पहुंचने के कारण उत्तराखंड में पेंशनरों की पेंशन संबंधी टेंशन लगातार बढ़ती जा रही है और वह बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर है। बताना होगा कि प्रदेश के दो लाख से अधिक बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पिछले तीन महीने से पेंशन के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं लेकिन राज्य के समाज कल्याण विभाग के अधिकारी गण पेंशन की इस लेट लतीफी के दुरुस्त होने के संबंध में कुछ कह पानी की स्थिति में नहीं है। यह हाल तब है जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हर महीने पेंशनरों को पेंशन देने के सख्त निर्देश दे रखे हैं । हालांकि समाज कल्याण विभाग के निदेशक आशीष भटगाई के मुताबिक पेंशन की ताजा किस्त जल्द से जल्द जारी किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं ।उनके अनुसार केंद्र सरकार का अंश समय रहते न मिल पानी के चलते ही इसमें देरी हुई है। विदित हो कि समाज कल्याण विभाग की ओर से विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था समेत कई तरह की पेंशन दी जाती है ।अब से पहले हर तीन महीने में पेंशन जारी किए जाने का प्रावधान था , लेकिन लोकसभा चुनाव के मध्य नजर इस साल की शुरुआत में राज्य सरकार की ओर से निर्णय लिया गया कि अब पेंशन हर महीने दी जाएगी।सरकार की ओर से लोकहित में यह एक अच्छी पहल थी और इस संबंध में सरकार के निर्देश भी जारी कर दिए गए थे, मगर सीएम के निर्देश के बावजूद राज्य में दो लाख से अधिक पेंशनर हर महीने खाते में पेंशन न आने से बैंकों के चक्कर काटते फिर रहे हैं। पेंशन प्राप्त करने की कोशिश में दिन-रात एक कर रही बुजुर्ग महिला पेंशनरों की माने, तो फरवरी महीने की पेंशन उनके खाते में एक मार्च को आई थी। इसके बाद से वह पेंशन के लिए लगातार बैंकों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन आज तक उन्हें पेंशन नहीं मिली। उधर पेंशन वितरण प्रक्रिया की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत 60 से 79 वर्ष आयु वर्ग के बीपीएल श्रेणी के वृद्धजनों को केंद्र सरकार 200 रुपये एवं 80 व इससे अधिक आयुवर्ग को 500 रुपये देती है । केंद्र से केंद्र के अंश के रूप में यह धनराशि मिलती है।जिसमें राज्यांश जोड़कर पेंशन दी जाती है। इस बार केंद्र का अंश मिलने में देरी हुई है, जिसके चलते पेंशनरों के खाते में पेंशन समय रहते नहीं पहुंचाई जा सकी। अधिकारियों ने आगे कहा कि सरकार के स्तर पर प्रक्रिया को दुरुस्त करने की कवायद जारी है और जल्दी ही समूची प्रक्रिया पटरी पर आ जाएगी।

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