सीएम ने किया पूर्णागिरि मेले का शुभारम्भ
टनकपुर (उद संवाददाता)। आस्था और श्रद्धा का केंद्र, उत्तर भारत के प्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि मेले का भव्य शुभारम्भ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बीच फीता काटकर किया गया। मुख्यमंत्री ने मेले के औपचारिक उद्घाटन के साथ ही क्षेत्रवासियों को करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बता दें माँ पूर्णागिरि मंदिर, टनकपुर के पास स्थित एक अत्यंत पवित्र सिद्धपीठ है, जहाँ नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि टनकपुर-चंपावत क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन और आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत माँ पूर्णागिरि धाम के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना का काम तेजी से चल रहा है, जिससे भविष्य में यात्र अधिक सुगम और यादगार बनेगी। इसके साथ ही, शारदा घाट का सौंदर्यीकरण कर इसे एक आकर्षण केंद्र बनाने की योजना पर भी काम जारी है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए आय के साधन बढ़ेंगे। उन्होंने प्रशासन को मेले के दौरान स्वच्छता, सुरक्षा और पानी-बिजली की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री अजय टम्टा ने भी अपने विचार साझा किए और कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रें के विकास के लिए हर संभव सहयोग कर रही है। मेले के शुभारम्भ अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने चंपावत जनपद के समग्र विकास को गति देने वाली कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी और पूर्ण हो चुकी योजनाओं को जनता को समर्पित किया। इन योजनाओं में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, सड़कों का सुदृढीकरण और तीर्थयात्रियों के लिए आवास व्यवस्था में सुधार मुख्य रूप से शामिल हैं।
