February 11, 2026

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एबीवीपी ने छात्रों की फीस माफी को ज्ञापन दिया

रूद्रपुर/सितारगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रुद्रपुर में नूतन सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों को शुल्क माफी को लेकर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर कमल किशोर पांडे को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोविड-19 के चलते बहुत से छात्र-छात्राओं के परिवार में आर्थिक संकट गहरा रहा है जिसके चलते बहुत से छात्र- छात्राएं पूर्ण शुल्क देने की स्थिति में नहीं है उन्होंने नूतन सत्र में प्रवेश लेने वाले समस्त छात्र-छात्राओं से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिए जाने की मांग की है। एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रचित सिंह ने कहा की नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं से केवल टड्ढूशन फीस ली जाये। स्पोर्ट, कल्चरल, मैगजीन, डेवलपमेंट फंड, पार्किंग आदि अतिरिक्त शुल्क फीस में न ली जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रचित सिंह, नगर मंत्री चंदन भट्टð, काॅलेज मंत्री अनुज त्रिवेदी, नगर उपाध्यक्ष विपिन पांडे, राहुल बिष्ट आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे। सितारगंज-नगर क्षेत्र के महाविद्यालय छात्रसंघ सचिव ने प्राचार्य सुभाष वर्मा के माध्यम से कुलपति को शुल्क माफी को लेकर ज्ञापन भेजा है। शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और छात्र संघ सचिव देवेश कुमार ने राजकीय महाविद्यालय सितारगंज के प्राचार्य सुभाष वर्मा द्वारा कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल को आॅनलाइन ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में नूतन सत्र 2020- 21 में छात्रों की फीस माफी की मांग की आॅनलाइन ज्ञापन में देवेश कुमार ने लिखा कोविड-19 के कठिन समय में काफी बड़ी संख्या में परिवारों पर आर्थिक रूप से प्रभाव पड़ा है इनकी समस्या को देखते हुए अब जो नूतन सत्र में प्रवेश लेंगे उनका शिक्षण शुल्क माफ किया जाए जिससे उन पर आर्थिक बोझ ना पड़े क्योंकि क्षेत्र में बहुत से परिवार ऐसे हैं जो आज भी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण आॅनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं यही कारण है कि उनकी समस्याओं को देखते हुए नूतन सत्र में प्रवेश ले रहे सभी का शिक्षण शुल्क माफ किया जाए उन्होंने बताया कि पूर्व में भी शिक्षण शुल्क माफी को लेकर क्षेत्रीय विध्यक सौरभ बहुगुणा द्वारा उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा जा चुका है और उससे भी पूर्व में तहसीलदार के द्वारा महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड शासन को ज्ञापन भेज चुका हूं यदि शुल्क में राहत ना दी गई तो मैं आंदोलन बाध्य होंगा और देवेश कुमार ने बताया मेरा स्वास्थ्य खराब होने के कारण मैं प्राचार्य के समक्ष नहीं जा पाया इसलिए मैंने आॅनलाइन ज्ञापन भेजा।

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